Ten Commandments(10)

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5 thoughts on “Ten Commandments(10)”

  1. यह वचन हमे सिखाता है कि हमे कभी किसी से झूठ नहीं बोलना चाहिए। जो हमारा परमेश्वर है वो सत्य है और सत्य की खोज में रहता है। और अगर कभी ऐसा होता है कि सामने वाला इंसान झूठ बोल रहा है और हमे पता है। फिर भी हम चुप है तो, ये भी झूठ बोलना है। परमेश्वर चाहता है कि हमारा दिल सच्चा हो , शब्द अच्छा हो, और कर्म भी अच्छा हो। हमे दूसरों का न्याय नहीं करना चाहिए बल्कि, खुदको जांचना चाहिए कि हमारे अंदर कौनसी कमी है या, कौनसी गलत बात है। हमे अपने पड़ोसी के बारे में कभी भी झूठी गवाही नहीं देनी है। हमे अपनी बुराइयों को त्याग देना है और सत्य में जीना है। आमीन ✨🙏🏻

  2. Vijay Singh 107

    Mbstudy se bahut faida ho reha hai. Bible study ka jih acha plateform hai. Aj ham ne 9 th Prameswar ke Agya ko Sikha hai. Prosi ke jhuthi Gawahi kabi mat dena.Praise the Lord.

  3. आज के संदेश से हम जाने हम देख सकते हैं की झूठी गवाही देना कितना बुरा है परमेश्वर के पवित्र संतानों को अपने सभी झूठे को त्याग देना चाहिए सांसारिक लोगों दूसरों को नुकसान नहीं होता है फिर भी वह असत है परमेश्वर नहीं चाहते हैं कि हम झूठ बोले बल्कि वह चाहते हैं की हमारा दिल खुश सकता हो ताकि हमारे सभी शब्द और कर्म सच्चे हो जैसे पति-पत्नी के बीच में गलतफहमी हो सकती है बहुत लोग हैं जो गलत समझते हैं दूसरों की निंदा और आलोचना करते हैं हमें अपने विचारों के अनुसार किसी का निंदा ना करें यदि आपका हृदय सत्य से भरा है तो कुछ भी आप गलत नहीं जोड़ेंगे क्योंकि परमेश्वर यहोवा सूर्य और दल है मैं यही प्रार्थना करती हूं परमेश्वर हमारे मार्ग को चमकाएंगे कठिनाइयों में ढल बनेंगे और सच्चाई में चलने की आपके जीवन में अच्छी चीजों को हर खुशी में डाल देंगे आज संदेश से इतना जान जय मसीह पास्टर जी