THE BEATITUDES (13) The Peacemakers (2)

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7 thoughts on “THE BEATITUDES (13) The Peacemakers (2)”

  1. Kusmita Lal singh

    Pita parmeshwar aapka dhanaywad ho ki aj ke sandesh se hum sikh paya ki bhalai kitni jaruri h agar Abraham chahate tuh luth ko pahle zameen chunne ka mauka nhi dete par unone yesa nhi kia kyunki wo santi ke parmeshwar ke agyaaon ka palan karna chahate the hume bi santi banaye rakhne ke liye genhu ke sade huye dane se bi bhatar banna h santi ke sath apne cruss ko lekar chalte jana h Abraham jese vishwas ko pana h jisne humesha bahbasta ka palan har haal me kia…

  2. आज मैंने इस संदेश से सिखा है अगर हर कोई अपनी पसंद पर अड़ा रहे, तो उसे शांति नहीं मिल सकती। अगर आप सही भी हों, तो आपको दूसरों के लिए खुद को त्यागने में सक्षम होना चाहिए, और ज़रूरत पड़ने पर तकलीफ़ भी सहन करनी चाहिए। हमें शांति तभी मिल सकती है जब हम अपने शत्रुओं से प्रेम करें और उनका हित चाहें। ऐसा करने से परमेश्वर पिता, देखकर बहुत प्रसन्न होंगे और यदि आपके मन में कुछ भी हो, वे आपको उत्तर देंगे। भले ही आप स्वयं को ऊँचा उठाने का प्रयास न करें, परमेश्वर स्वयं आपको सबके सामने ऊँचा उठायेंगे और सिद्ध परमेश्वर पिता, जो प्रेम से परिपूर्ण हैं, आपको देखकर बहुत प्रसन्न होंगे और यदि आपके मन में कुछ भी हो, तो भी वे आपको उत्तर देंगे। भले ही आप स्वयं को ऊँचा उठाने का प्रयास न करें, परमेश्वर स्वयं आपको सबके सामने ऊँचा उठाते हैं और सिद्ध करेंगे | आमीन हलेलुयाह 🙌🏻❤️🙌🏻❤️🙌🏻

  3. आज के वचन से हमने यह सीखा है कि सबसे पहले हमें परमेश्वर से शांति बनाना है फिर उसके बाद मनुष्य शांति बनाना है जी स तरह अब्राहम ने लूट के साथ शांति बनाए जैसा कि मत्ती 5:44 में लिखा है, तुम अपने शत्रुओं से प्रेम कर सकते हो और अपने सतानेवालों के लिए प्रार्थना कर सकते हो, तो तुम परमेश्वर के पुत्र बन जाओगे।किसी के अलग-अलग मानक होते हैं, और अगर हर कोई अपनी पसंद पर अड़ा रहे, तो हमें शांति नहीं मिल सकतीसबसे पहले हमें परमेश्वर से शांति में बनाना है तब सभी लोगों में शांति बनाकर रहना है हम एक दूसरे से प्रेम करना है जी स तरह हमारा प्रभु ने प्रेम किया आमीन धन्यवाद पिता परमेश्वर को करती हूं

  4. आज हम संदेश से प्रेम में चलने के लिए जानेंगे यहां बच्चन में बताती है तुम अपने शत्रुओं से प्रेम करना अपने सताने वाले के लिए प्रार्थना करना हां हमें परमेश्वर के दिए आज्ञा का पालन करना चाहिए फिर भी हम संसार में कभी-कभी घबरा जाती हूं फिर भी मैं परमेश्वर से मदद मांगती हूं और पूरा प्रयास करती हूं हम अपने सताने वाले के लिए आत्मा और सच्चाई से क्षमा करके प्रार्थना करें और हम परमेश्वर के सच्चे रूप में पहचाना जाए जो परमेश्वर की दृष्टि में सही है हमारे परमेश्वर ने उन लोगों के लिए प्रार्थना की जो लोग उन्हें सूली पर चढ़ाई हमें अपने शत्रुओं से प्रेम करना चाहिए अपने सताने वाले के लिए प्रार्थना करना चाहिए तभी हम अपनी परमेश्वर से शांति पाएंगे सम्मान और अधिकार का आनंद ले पाएंगे

  5. Sunita Seth

    धन्य वचन से हमने सीखा हमे दुसरे के साथ शांति बनाने के लिए जब चीजें हमारे अनुसार नहीं होती तो हम नाराज हो जाते है उस व्यक्ति से दूरी बनाने लगते है मत्ती 5.44 में प्रभु कहते है अपने शत्रु से प्रेम करो अपनी सताने वाले के लिए प्रार्थना करे लेकिन हम ऐसा नहीं कर पाते इसलिए हमारे हृदय की शांति को हम भंग कर देते है हमे सबसे पहले परमेश्वर पिता के साथ वचन का पालन करते हुए हर बुराई से दूर रहने का प्रयास करते रहना चाहिए परमेश्वर के साथ सबसे पहले शांति बनाना चाहिए आज हमने सच्ची शांति के बारे मे सीखा है हे प्रभु हम आपके हर उस भले को स्मरण रखे और आपके सदृश होने की लालसा रखे

  6. Reena sharma

    Jay Masih ki paster ji Maine yah sandesh padha aur mujhe bahut achcha Laga main bhi chahti hun Prabhu yishu Masih ji Jaise Mera bhi hriday Ho ki main unke Jaise Ban sakun jisse main bair lagti hun unse Main Prem se rah sakun se Prem se baat kar sakun
    Amen

  7. Dhanpat singh

    यह संदेश हमें यह सिखाता है परमेश्वर एक ऐसी संतान चाहते थे जो अपने स्वतंत्र से इच्छा से मुझे प्रेम करें जैसा मैं पवित्र हूं वैसा वह भी पवित्र बने हमें सबके साथ शांति बहाल करनी चाहिए वह सब को समझना चाहिए हमारा परमेश्वर दया से प्रेम से अनुग्रह से भरा हुआ है हमारा परमेश्वर चाहता है हम उसके वचनों का अच्छे से पालन करें और वह हमें आशीष दे उसने अपने पुत्र यीशु मसीह के द्वारा दर्शा दिया है वह हमसे कितना प्रेम करता है हमें पिता के सारे घराने में विश्वास योग्य रहना है अच्छे से विश्राम दिन को पवित्र रखना है 10 व हिस्सा देना है bhentदेना है मेरे परमेश्वर को महिमा मिले आमीन सबसे महत्वपूर्ण है प्रार्थना हमें प्रार्थना रोज करनी चाहिए हमारे जीवन में दुख भी आएंगे सुख भी आएंगे पर परंतु मनुष्य को कुड़ कूड़ाना नहीं चाहिए उसे सारी बातों में धन्यवाद देना चाहिए धनपत सिंह दिल्ली से